PM आवास के बाहर कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका समेत कई विपक्षी नेता हिरासत में
करीब पांच घंटे तक चला धरना, पुलिस ने शाम को बलपूर्वक समाप्त कराया; कांग्रेस ने लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का लगाया आरोप।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) के बाहर कांग्रेस द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई अन्य नेता भी शामिल हुए।
धरना करीब पांच घंटे तक जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई थी। बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान मौके पर तैनात रहे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
शाम करीब 7 बजे पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त कराने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से स्थल खाली करने की अपील की, लेकिन धरना जारी रहने पर बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खरगे सहित कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। धरने में शामिल समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे विरोध प्रदर्शन को बलपूर्वक रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। वहीं, पुलिस का कहना है कि सुरक्षा कारणों और निषेधाज्ञा के पालन को सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की गई।
इस घटनाक्रम के बाद राष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तापक्ष की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।




