गुधनी गुरुकुल में मंत्रोच्चार प्रतियोगिता संपन्न, अनन्या आर्य ने हासिल किया प्रथम स्थान
आचार्य संजीव रूप बोले— अशुद्ध वेद मंत्रों का उच्चारण बोलने और सुनने वाले, दोनों के लिए हानिकारक।
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के ग्राम गुधनी स्थित आर्य समाज मंदिर में संचालित आर्य संस्कार शाला गुरुकुल में बच्चों की विभिन्न प्रतियोगिताओं के क्रम में मंगलवार को मंत्रोच्चार प्रतियोगिता आयोजित की गई।
प्रतियोगिता में कुमारी अनन्या आर्य ने प्रथम, कुमारी आस्था ने द्वितीय तथा उर्वशी आर्य ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं कुमारी वंशिका सिंह और नीरज आर्य को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कुमारी तृप्ति आचार्य आर्य ने कहा कि मंत्रों का शुद्ध उच्चारण अत्यंत कठिन विधा है, जिसे बचपन से गुरुकुलीय परंपरा के माध्यम से सीखने पर ही पूर्णता प्राप्त होती है।
आचार्य संजीव रूप ने कहा कि “वेद मंत्रों का अशुद्ध उच्चारण बोलने और सुनने वाले, दोनों के लिए हानिकारक होता है।” उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से गुरुकुल में छोटे बच्चों को नियमित रूप से वेद मंत्रों का शुद्ध उच्चारण सिखाया जाता है और आज गुधनी में सैकड़ों बच्चे एवं युवा शुद्ध मंत्रोच्चार करने में सक्षम हैं।




