
कौशाम्बी: सरकारी योजना के तहत ई-रिक्शा खरीद में सामने आई करीब 4 लाख रुपये की कीमत ने पूरे मामले को सवालों के घेरे में ला दिया है। कीमत की जानकारी सामने आते ही उत्तर प्रदेश के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
डिप्टी CM ने साफ कहा कि ई-रिक्शा की कीमत इतनी नहीं होती, इसलिए पूरे मामले की जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए CDO को खरीद प्रक्रिया और निर्धारित कीमत की पूरी जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
अब जांच में यह देखा जाएगा कि ई-रिक्शा की खरीद किस प्रक्रिया के तहत हुई, इसकी वास्तविक बाजार कीमत क्या थी और करीब 4 लाख रुपये की राशि किस आधार पर तय की गई।
डिप्टी CM के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों में भी हलचल तेज हो गई है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि खरीद में महज कीमत का अंतर था या फिर प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता हुई।
फिलहाल मामले की जांच CDO स्तर से कराई जा रही है और रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।




