
बदायूं। कुंवरगांव क्षेत्र में शनिवार देर रात एक गर्भवती महिला अपने चार साल के बेटे के साथ मदद की उम्मीद लेकर थाने पहुंची। महिला का आरोप था कि पति की मारपीट से परेशान होकर वह लखनऊ से निकलकर परिचित के घर रहने के लिए आई थी, लेकिन वहां पहुंचने पर घर में ताला लगा मिला। देर रात होने और साथ में छोटे बच्चे व गर्भावस्था के कारण महिला के सामने ठहरने का संकट खड़ा हो गया।

महिला ने पुलिस को बताया कि वह मूल रूप से गंवा, जिला संभल की रहने वाली है। पहले उसका नाम शैनाज बी था और पिता का नाम इफ्तखार अली बताया। महिला के अनुसार दिल्ली में उसकी मुलाकात संजू से हुई थी। इसके बाद उसने धर्म परिवर्तन कर मंदिर में संजू से प्रेम विवाह किया था। महिला का कहना है कि कुंवरगांव कस्बे के ही एक व्यक्ति ने दोनों का विवाह कराया था।
- पति पर मारपीट का आरोप
अंजलि ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद उसका पति संजू शराब पीकर उसके साथ मारपीट करने लगा। पति के व्यवहार से परेशान होकर वह लखनऊ से अपने परिचित के घर रहने के लिए निकली थी। शनिवार देर रात जब वह परिचित के घर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। चार साल के बेटे और गर्भावस्था के कारण वह बेहद परेशान हो गई और मदद के लिए पुलिस के पास पहुंची।
- अचानक शुरू हुई प्रसव पीड़ा
पुलिस महिला को सुरक्षित वापस भेजने की व्यवस्था कर रही थी, तभी अचानक उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति को देखते हुए एसएसआई ने तत्काल एंबुलेंस बुलवाई और महिला आरक्षी साक्षी चौधरी के साथ उसे वजीरगंज सीएचसी भेजा गया। अस्पताल में महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
महिला और नवजात की सुरक्षा व देखभाल के लिए महिला पुलिसकर्मी समेत अन्य पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी सीएचसी में लगाई गई।
- पुलिसकर्मियों ने अस्पताल पहुंचकर जच्चा-बच्चा का जाना हाल
रविवार सुबह पुलिसकर्मी वजीरगंज सीएचसी पहुंचे और महिला व नवजात का हालचाल लिया। पुलिस ने महिला की सुरक्षा और जरूरतों का भी ध्यान रखा। पुलिस की इस संवेदनशील पहल की अस्पताल में मौजूद लोगों ने सराहना की।
सीओ राहुल पांडेय ने बताया कि महिला के पति से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। महिला को सुरक्षित उसके घर भेजने की व्यवस्था पुलिस की ओर से की जाएगी।




