
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर शिक्षा के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के शासनकाल में प्रदेश में ‘नकल की संस्कृति’ को बढ़ावा मिला, वही आज शिक्षा और छात्रों के हितों की बात कर रही है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 1993 में सत्ता में आते ही समाजवादी पार्टी ने नकल-विरोधी अध्यादेश, 1992 को समाप्त कर दिया था। इसके बाद प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई और प्रतिभा के बजाय नकल को बढ़ावा मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण उत्तर प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में अन्य राज्यों की तुलना में पीछे चला गया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी शिक्षा के नाम पर राजनीति कर रही है, जबकि उसका पिछला रिकॉर्ड इसके बिल्कुल विपरीत रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।




