
बरेली: नगर पालिका परिषद आंवला में 32.50 लाख रुपये के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। मंडलायुक्त के निर्देश पर कराई गई जांच में वर्तमान चेयरमैन सैयद आबिद अली, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी (ईओ) जितेंद्र कुमार, ठेकेदार मंसूर अली समेत अन्य संबंधित लोगों की भूमिका सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
- शिकायत के बाद हुई जांच
बताया गया है कि 24 सितंबर 2025 को सभासद सूरजपाल मौर्य, सचिन गुप्ता, रानी देवी, माया, अनुप्रिया तथा आंवला निवासी विशंभर दयाल ने मंडलायुक्त से शिकायत कर नगर पालिका में निर्माण कार्यों और अन्य मदों में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर ग्राम्य विकास विभाग के प्राविधिक परीक्षक (टीएसी) से जांच कराई गई।
- स्ट्रीट लाइट पोल में मिली अनियमितता
जांच रिपोर्ट में स्ट्रीट लाइट के पोल लगाने के दो कार्यों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। आरोप है कि जहां 155 मिमी बॉटम डायमीटर के मानक पोल लगाए जाने थे, वहां 135 मिमी बॉटम डायमीटर के पोल लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
- वसूली और विभागीय कार्रवाई की तैयारी
मंडलायुक्त ने जांच रिपोर्ट प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग को भेज दी है। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों से सरकारी धन की वसूली और अन्य विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी है।




