
बिल्सी (बदायूं)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को समाजवादी पार्टी द्वारा प्रस्तावित विरोध मार्च प्रशासनिक हस्तक्षेप के कारण नहीं निकल सका। बिल्सी में सपा नगर अध्यक्ष कविंद्र सक्सेना सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके कैंप कार्यालय से बाहर नहीं निकलने दिया गया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने वहीं पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया।
सपा नेताओं का कहना था कि वे छात्रों के समर्थन में शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकालकर अपनी बात राष्ट्रपति तक पहुंचाना चाहते थे। हालांकि, कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने मार्च की अनुमति नहीं दी और कैंप कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
कुछ देर बाद तहसीलदार प्रभा सिंह और नायब तहसीलदार बदन सिंह स्वयं सपा कार्यालय पहुंचे। पार्टी प्रतिनिधियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।
इस मौके पर सपा नगर अध्यक्ष कविंद्र सक्सेना ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन प्रशासन ने उनकी आवाज उठाने से पहले ही रोक लगा दी। वहीं जिला महासचिव उदयवीर सिंह शाक्य ने कहा कि छात्रों के मुद्दों को दबाने के बजाय सरकार को उनका समाधान निकालना चाहिए।
प्रदर्शन की घोषणा को देखते हुए सुबह से ही कैंप कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।
इस दौरान संजीव तिवारी, अनिल शर्मा, सोनू यादव, अखिलेश यादव, देवेंद्र गौतम, चेतन यादव, अवधेश यादव, रिजवान मलिक सहित अन्य सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।




