
बदायूं।
बिसौली विकास खंड क्षेत्र की सरैरा साधन सहकारी समिति एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दम्मीनगर मजरा पीपरी रघुनाथपुर निवासी किसान अवधेश कुमार ने समिति में खाद वितरण में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने समिति से केवल दो बोरी एनपीके खाद खरीदी थी, लेकिन कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर आए एसएमएस ने उन्हें हैरान कर दिया। संदेश में उनके नाम पर तीन बोरी एनपीके और छह बोरी यूरिया वितरित होना दर्ज था। किसान का कहना है कि उन्हें यूरिया की एक भी बोरी नहीं मिली, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में पूरा वितरण दिखाया गया है।
बिना रसीद खाद वितरण पर भी उठे सवाल
अवधेश कुमार का आरोप है कि खाद खरीदने के बावजूद उन्हें किसी प्रकार की रसीद नहीं दी गई। जब उन्होंने इस संबंध में समिति के सचिव के ई-पॉस मशीन संचालित करने वाले सहयोगी से जानकारी मांगी, तो कथित रूप से उन्हें बताया गया कि प्रविष्टि गलती से दर्ज हो गई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि यह केवल गलती थी, तो रिकॉर्ड में तत्काल सुधार क्यों नहीं किया गया?
सरकारी रिकॉर्ड की पारदर्शिता पर सवाल
मामले ने सहकारी समितियों में खाद वितरण की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो यह केवल एक किसान का मामला नहीं बल्कि सरकारी खाद वितरण व्यवस्था में संभावित अनियमितताओं का संकेत हो सकता है।
इन बिंदुओं की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी, सहायक निबंधक सहकारी समितियां, जिला कृषि अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि—
ई-पॉस मशीन का पूरा रिकॉर्ड जांचा जाए।
ऑनलाइन खाद वितरण का सत्यापन कराया जाए।
स्टॉक रजिस्टर और बिक्री रजिस्टर का मिलान कराया जाए।
संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो।
दोषी पाए जाने पर कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ता ने बताया कि मामले की शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर भी दर्ज करा दी गई है।
नव दर्पण न्यूज़ की अपील
यदि किसी किसान के नाम पर बिना खाद दिए वितरण दर्ज किया गया है, तो यह अत्यंत गंभीर मामला है। संबंधित विभाग को चाहिए कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सार्वजनिक करे, ताकि किसानों का विश्वास बना रहे और यदि कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।




